अमेरिकी जज ने ट्रंप के ट्रैवल बैन पर तत्काल के लिए देशभर में रोक लगा दी।

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अमेरिका के ड्रिस्ट्रिक्ट जज जेम्स रॉबर्ट ने देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सात मुस्लिम बहुल देशों के यात्रियों और इमिग्रेंट्स पर लगाए गए बैन पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है, जज ने यह रोक अमेरिकी राज्यों वॉशिंगटन और मिनेसोटा की ओर से शासकीय आदेश पर देश भर में रोक लगाने के लिए की गई अपील के बाद लगाई है. जैसा कि आपको बता दें ट्रंप ने पिछले कुछ दिन पहले 7 मुस्लिम बहुल देशों के विजा बैन कर दिया था तब से बहुत से देशों में ट्रंप का विरोध होने लगा। यह भी पढ़ें  अब कुवैत में पाकिस्तान समेत 5 देश के नागरिक कुवैत में एंट्री नहीं कर सकते हैं।

ट्रंप के इस फैसले के कारण देशभर में कानूनी लड़ाइयां शुरू हो गई हैं. और कई यात्रियों को रोक लिए जाने के कारण हवाई अड्डों पर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी. व्हाइट हाउस ने दलील दी है कि इससे अमेरिका सुरक्षित बनेगा. वॉशिंगटन ऐसा पहला राज्य है, जिसने ईरान, इराक, सीरिया, सूडान, सोमालिया, लीबिया और यमन से आने वाले लोगों पर लगाए गए 90 दिनों के ट्रैवल बैन और अमेरिकी रिफ्यूजी प्रोग्राम को सस्पेंड करने के आदेश को अदालत में चुनौती दी है.

जॉर्ज डब्ल्यू बुश के समय में बनाए गए अमेरिकी जिला जज जेम्स रॉबर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्यों का रुख ट्रंप के आदेश के प्रति चुनौतीपूर्ण था. जज रॉबर्ट ने राज्य सरकार की वकील बेनेट से पूछा कि क्या 9/11 के हमले के बाद अमेरिका पर इन सात मुस्लिम देशों ने कोई आतंकी हमला किया है? इसके जवाब में बेनेट ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है. इसके बाद जज का कहना था कि इसका जवाब ना है. जज ने आगे कहा कि इन देश के नागरिकों से ख़तरे का हवाला देकर इनपर ये बैन लगाया गया है लेकिन इसे लोगों का समर्थन नहीं है.

मिनेसोटा समेत देश के अनेक राज्य बैन के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है वहीं दुसरे देश में भी बैन के खिलाफ लड़ाइ लड़ी जा रही है और ट्रंप का विरोध कर रहे हैं। अटॉर्नी जनरल बॉब फर्ग्यूसन ने भी कहा कि वीजा बैन लोगों को नुकसान पहुंचाने वाला है और भेदभाव को बढ़ावा देने वाला भी है ।

आस्ट्रेलिया में भी हो रहा विरोध

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आस्ट्रेलिया ने विरोध करते हुए कहा कि यह निती गलत है और ऐसा नहीं होना चाहिए…

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