पीएम मोदी गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए चलाएगी अब ये खास अभियान……

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स्वच्छ भारत मिशन’ में संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ ने निकाली कमियां आबादी के लिहाज से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश भारत में बुनियादी साफ-सफाई के बिना रहने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है।

सरकारी आंकड़ों के हवाले से ये रिपोर्ट कहती है कि स्वच्छ भारत मिशन के जरिये साफ-सफाई की स्थिति में निसंदेह काफी प्रगति हुई है। इसके तहत अक्टूबर 2014 से नवंबर 2017 के बीच 5.2 करोड़ घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया। ‘आउट ऑफ ऑर्डर’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि खुले में शौच को कम करने और बुनियादी साफ-सफाई की स्थिति में सुधार के मामले में भी भारत 10 शीर्ष देशों में शामिल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के बाद चीन का नंबर आता है, जहां 34.3 करोड़ लोगों के पास ठीक-ठाक शौचालय की सुविधा नहीं है. हालांकि, यहां भी वर्ष 2000 के बाद से स्थिति में काफी सुधार हुआ है. जब करीब 40 फीसद आबादी के पास बुनयादी साफ-सफाई की कमी थी. अफ्रीका का सबसे आबादी वाला देश नाईजीरिया इस सूची में तीसरे स्थान पर है. रिपोर्ट में कहा गया कि वैश्विक रूप से तीन में से एक व्यक्ति के पास अब भी शौचायल की सुविधा नहीं है।

भारत को स्वच्छ बनाने की दिशा में अनेकों प्रयास की जा रही हैं मगर भारत मे रिपोर्ट कहती है कि भारत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुई व्यापक प्रगति के बावजूद 73.2 करोड़ से ज्यादा लोग या तो खुले में शौच करते हैं या फिर असुरक्षित या अस्वच्छ शौचालयों का इस्तेमाल करते हैं। यह स्थिति महिलाओं और लड़कियों के लिये और खराब है। वाटर एड्स की स्टेट ऑफ द वर्ल्ड टॉयलेट्स 2017 रिपोर्ट कहती है कि भारत में करीब 35.5 करोड़ महिलाओं और लड़कियों को अब भी शौचालय का इंतजार है।

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