मोदी और अबू धाबी के प्रिंस शेख मोहम्मद बीच गार्डन में चर्चा, UAE के साथ हुए 14 अहम एग्रीमेंट

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नई दिल्ली, भारत और यूएई के बीच 14 अहम एग्रीमेंट हुई जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी और अबू धाबी के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जाएद अल नाह्यां के बिच चाय पर चर्चा करते हुए यह एग्रीमेंट हुई। यह चर्चा हैदराबाद हाउस के गार्डन में सैर पर हुइ। जैसा कि आपको बता दें, 68th रिपब्लिक डे परेड में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होने के लिए अबू धाबी के प्रिंस मंगलवार को दिल्ली पहुंचे और मोदी ने गार्डन की सैर करवाइ और चाय भी पिलाइ। 2 साल पहले जब बराक ओबामा रिपब्लिड डे परेड देखने भारत आए थे तब भी मोदी ने उन्हें गार्डन की सैर कराई और चाय पिलाई थी।

भारत-यूएई के बीच डिफेंस, सिक्युरिटी, आईटी सर्विस और हाईवे प्रोजेक्ट को लेकर 14 एग्रीमेंट्स साइन हुए। यूएई भारत में अगले कुछ साल में करीब पांच लाख करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट करने को राजी है।

-प्रिंस और मोदी के बीच बुधवार सुबह 7 लोक कल्याण मार्ग पर भी मीटिंग हुई। दोपहर को हैदराबाद हाउस में डेलिगेशन लेवल टॉक हुई।

– इसके बाद मोदी ने कहा, ”यूएई भारत का अच्छा एनर्जी पार्टनर है। एनर्जी और इन्वेस्टमेंट पर अच्छी बातचीत हुई। आने वाले कुछ सालों में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।”

– ”ट्रेड पार्टनरशिप पर एग्रीमेंट साइन हुआ है। यूएई ने भारत के लिए एनर्जी सेक्टर में नई प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए हरी झंडी दी है।”

– ”डिफेंस के लिए एमओयू साइन किए हैं। आतंकी हमलों की हम निंदा करते हैं। आतंकवाद दोनों देशों के लिए खतरा है। हम साथ मिलकर इससे लड़ेंगे। अफगानिस्तान और पश्चिम एशिया में सहयोग को बढ़ाएंगे।”

– ”अबू धाबी में मंदिर बनाने के लिए जगह देने पर हम आपका शुक्रिया अदा करते हैं। 26 लाख लोगों के लिए यूएई अपने घर जैसा है।”

6 हाईवे प्रोजेक्ट में इन्वेस्टमेंट

– इकोनॉमिक रिलेशन्स सेक्रेटरी अमर सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि यूएई भारत का अच्छा ट्रेड पार्टनर है। कारोबार को आसान बनाने के लिए भी एमओयू साइन हो सकता है। दोनों देशों के बीच पाइरेसी, सिविल न्यूक्लियर सेक्टर, आईटी सर्विस और 5 से 6 प्रोजेक्ट हाईवे प्रोजेक्ट भी इसमें शामिल हैं। भारत और यूएई अपने डिप्लोमैट्स के लिए फ्री वीजा ट्रैवल और स्पेशल पासपोर्ट की फैसिलिटी को लेकर काम कर रहे हैं।

आतंकवाद और दाऊद पर क्या होगा?

– मोस्ट वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम के खिलाफ एक्शन के सवाल पर सिन्हा ने कहा, ”जब तक कुछ नहीं होता है, कहा नहीं जा सकता।”
– सिन्हा ने कहा कि यूएई ने कभी भारत से आईएस के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने के लिए नहीं कहा। लेकिन दोनों देश खुफिया जानकारियां शेयर करते हैं।
– उन्होंने कहा कि पिछले दिनों कंधार के आतंकी हमले में मारे गए यूएई के कई डिप्लोमैट्स के मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच बात हो सकती है।
– वहीं, विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन विकास स्वरूप ने कहा कि हम खास मुद्दों पर फिलहाल कमेंट नहीं कर सकते हैं।

दाऊद पर कुछ हद यूएई ने कसा शिकंजा

– बता दें कि 2015 में मोदी के यूएई दौरे पर दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए थे। इसमें हवाला कारोबार रोकने और जानकारियां साझा करने पर सहमति बनी थी। 34 साल बाद भारत के किसी पीएम ने यूएई का दौरा किया था।
– इसे भारत के मोस्ट वॉन्टेड अपराधी दाऊद इब्राहिम के खिलाफ कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम माना गया था। इसके बाद खबर आई थी कि यूएई सरकार ने दाऊद की 15 हजार करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त कर ली।
– कहा जाता है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद फिलहाल पाकिस्तान के कराची में छिपा है। उसे 1993 में मुंबई बम विस्फोट के लिए जिम्मेदार बताया जाता है।

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