नोटबंदी : नोटबंदी के समय खाते में 25 लाख से ज्यादा जमा करने वालों को नोटिस…

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सीबीडीटी प्रमुख सुशील चंद्रा ने कहा कि नोटबंदी के बाद 25 लाख और इससे अधिक जमा कराने वाले लोगों की संख्या 1.16 लाख है।

नई दिल्ली, नोटबंदी मोदी सरकार द्वारा लिया गया काले धन का अहम फैसला था, जिसकी चर्चा भारत में अब भी हो रही है। इस चर्चा का प्रमुख कारण यह है कि विपक्ष के लोग नोटबंदी और GST को लेकर सरकार को घेरना चाह रही है, लेकिन मोदी सरकार एक के बाद एक अहम फैसला लेते हुए गरीब लोगों की भलाइ की सोच रहूी हैं।

मोदी सरकार ने नोटबंदी के समय ही बोला था कि जो भी गलत करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। जैसा कि आपको बता दें, नोटबंदी के समय जिसके पास बहुत सारे कैश पैसे थे वे किसी और के खात में डालकर अपना पैसा वाइट मनी में बदल लिया था, लेकिन मोदी सरकार कहाँ चुप बैठने वाली। मोदी सरकार ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि नोटबंदी के बाद जो भी अपने खातों में 25 लाख से ज्यादा नकदी जमा किये उसके प्रति जाँच चल रही है और कार्वयाइ भी होगी

आयकर विभाग ने नोटिस जारी कर बताया कि नोटबंदी के समय अपने खातों में 25 लाख से ज्यादा नकदी जमा कराने और रिटर्न नहीं भरने वाले की संख्या 1.16 लाख है। जिसकी जानकारी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने दी। चंद्रा ने कहा कि जिन्होंने अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर दिया है, लेकिन बैंक खातों में बड़ी रकम जमा कराई है, उनकी भी जांच चल रही है।

आयकर विभाग ने बीते साल आठ नवंबर के बाद 500 और 1000 रुपये के बंद किए गए 2.50 लाख रुपये से अधिक के नोट जमा कराने वाले लोगों की छानबीन की है। इनमें से ऐसे लोगों और फर्मो को अलग-अलग किया गया है, जिन्होंने अभी तक अपना आयकर रिटर्न नहीं जमा किया है। इन्हें 25 लाख रुपये से अधिक और 10 से 25 लाख रुपये तक जमा कराने वालों की दो श्रेणियों में बांटा गया है।

सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि नोटबंदी के बाद बंद नोटों में 25 लाख और इससे अधिक जमा कराने वाले लोगों की संख्या 1.16 लाख है। इन लोगों ने अभी तक अपना रिटर्न जमा नहीं कराया है। ऐसे लोगों व फर्मो को कहा गया है कि वे 30 दिनों के भीतर अपना रिटर्न दाखिल करा दें। देश में 2.4 लाख लोग ऐसे हैं जिन्होंने बैंक खातों में 10 से 25 लाख जमा कराए हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है। इन लोगों को दूसरे चरण में आयकर कानून का नोटिस भेजा जाएगा।

चंद्रा ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से सितंबर के बीच आयकर कानून का उल्लंघन करने वाले 609 लोगों के खिलाफ मुकदमा किया गया है। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है। इस साल कुल 1,046 शिकायतें दाखिल की गईं हैं। जबकि बीते साल की समान अवधि में इनकी संख्या 652 थी।

 

image source: aajtak.intoday.in

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