GST बिल पास : जेटली ने बताया क्रांतिकारी, मोदी ने देशवासियों को दी बधाई, कहा- न्यू इयर, न्यू लॉ, न्यू इंडिया

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All Four Bills related to GST passed in Loksabha

देश में ऐतिहासिक कर सुधार व्यवस्था “जीएसटी” के चार विधेयकों को लागु करने के लिए लोकसभा ने मंजूरी दे दी। लंबी बहस के बाद लोकसभा में देश का ‘सबसे बड़ा आर्थिक सुधार’ कहे जाने वाला जीएसटी बिल सदन से पारित हो गया। जीएसटी से जुड़े चार बिलों सेंट्रल जीएसटी, इंटीग्रेटेड जीएसटी, यूनियन टेरिटरी जीएसटी और कॉम्पेंसेशन जीएसटी बिलों को लोकसभा ने संशोधनों के बाद पास किया।

आगामी 31 मार्च को जीएसटी काउंसिल की बैठक होगी, इसमें जीएसटी के नियमों पर सहमति बनाई जाएगी। इसके बाद अप्रैल में किन टैक्स स्लैब में किस वस्तु को रखा जाएगा, उस पर फैसला लिया जाएगा। इनके लिए संसद की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। अब सरकार जीएसटी के इन बिलों को राज्यसभा में विचार-विमर्श के लिए पेश करेगी, क्योंकि सरकार ने जीएसटी बिल को मनी बिल के रूप में पेश किया, ऐसे में उसे राज्यसभा से पारित कराने की जरूरत नहीं है।

जीएसटी का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में वस्तुओं और सेवाओं की दर को एक समान रखना है। वित्त मंत्री ने अरुण जेटली ने कहा कि अगर इस वक्त किसी वस्तु पर 10 प्रतिशत टैक्स लगता है तो हमारी कोशिश होगी कि उस पर जीएसटी की वह दर लगे, जो उसके करीब है। ऐसे महंगाई बढ़ने का कम खतरा रहेगा और वस्तुएं भी कुछ सस्ती हो सकती हैं।

वित्त मंत्री ने अरुण जेटली ने इस गेमचेंजर बताते हुए कहा कि जीएसटी के तहत खाने-पीने के जरूरी सामानों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। यानी, पहला टैक्स स्लैब शून्य होगा जबकि दूसरा स्लैब- 5% और तीसरा स्लैब 12% और 18% का है। वहीं लक्जरी कारों, बोतल बंद वातित पेयों, तंबाकू उत्पाद जैसी अहितकर वस्तुओं एवं कोयला जैसी पर्यावरण से जुड़ी सामग्री पर इसके ऊपर अतिरिक्त उपकर भी लगाने की बात कही है।

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