सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : सीबीआई के इतिहास में यह पहला मौका जब सीबीआई की जाँच खुद सीबीआई करेगी

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सीबीआई के इतिहास में यह पहला मौका है जब उसे अपने पूर्व प्रमुख की जांच करनी पड़ेगी

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कोल स्केम मामले की सुनवाइ करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व प्रमुख रंजीत सिन्हा के खिलाफ सीबीआई जाँच के आदेश दिया। कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया है कि वह एक एसआईटी बनाकर कोयला घोटाले में रंजीत सिन्हा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करे ।

सिन्हा पर आरोप है कि वे आरोपियों से मुलाकात कर जाँच को प्रभावित करने का काम किया था ।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से सिन्हा की मुश्किलें बढ़ती नजर जा रही हैं. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने का निर्देश दिया है. उन पर कोयला घोटाले के संदिग्धों से अपने घर पर मुलाकात करने और उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप हैं. जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस प्रफुल्ल सी पंत की बेंच ने सीबीआई के नए निदेशक आलोक वर्मा को एसआईटी की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी है. सीबीआई के इतिहास में यह पहला मौका है जब उसे अपने पूर्व प्रमुख की जांच करनी पड़ेगी.

क्या है कोल स्कैम?

यह मामला 2012 में संप्रग सरकार के दौरान सामने आया था, इसमें सीएजी ने आरोप लगाया कि 2004 से 2009 के दौरान गलत तरीके से कोल ब्लाक आवंटित किये गये। इससे सरकार को 1 लाख 86 हजार करोड़ का नुकसान हुआ । इसमें कोल हासिल करने वाली कंपनियाँ जैसे कि एनटीपीसी , टाटा स्टील , जेएसपीएल, एमएमटीसी और बहुत सारी सरकारी और प्राइवेट दोनों कंपनियों को काफी फायदा हुआ है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक शीर्ष अदालत ने पहली नजर में रंजीत सिन्हा पर लगे आरोपों को सही माना है. सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश एडवोकेट प्रशांत भूषण की याचिका पर आया है. उन्होंने तत्कालीन सीबीआई प्रमुख रंजीत सिन्हा पर कोयला घोटाले की जांच के दौरान इसके संदिग्धों से अपने घर पर मुलाकात करने और जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया था. उन्होंने इसके सबूत के तौर पर सिन्हा के आवास की विजिटर्स डायरी पेश की थी.

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