PoK में सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले 19 जांबाजों को रिपब्लिक डे पर बहादुरी का मेडल

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भारतीय सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेना में गिने जानेवालों में से एक है। देश की सेना की बहादुरी की दाद देनी होगी जब 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना पाकिस्तान में घुसकर पाकिस्तान के आतंकवादियों के छक्के छुड़ा दिये। सर्जिकल स्ट्राइक का पता पाकिस्तान के कानों कानों तक पता नहीं चल पाया और भारतीय सेना ने काम तमाम कर सुरक्षित लौट आये।

उरी एटेक के बाद

उरी एटेक के बाद मोदी ने पाकिस्तान को ललकारते हुए कहा था कि हमारे 18 देश के जवानों के शहीद बेकार नहीं जाएगा, देश कि सेना जो हमारी रक्षा करते हैं उनके लिए कुछ भी कर सकता हुँ, और एक कठोर कदम उठाया और कर दिया सर्जिकल स्ट्राइक।

उरी एटेक के बाद से ही विपक्षी मोदी सरकार को घेरने लगी और उरी एटेक जैसे घटना का ताना देने लगा। लेकिन मोदी अपने देश के लिए कुछ कर गुजरने के लिए मर मिटने के लिए पैदा हुए जो देश के लिए कुछ भी कर सकते हैं और सेना की शहादत के लिए कठोर कदम उठाये। उन्होंने यह भी नहीं सोचा कि बाद में चीन और अमेरिका का क्या रुख होगा। जैसा कि मोदी ने पहले से ही आह्ववान कर चुका है कि दुनिया से आतंकवाद को खत्म करना है।

नियंत्रण रेखा के पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक करने वाली सेना की विशेष इकाई 4 और 9 पैरा के 19 सैनिकों को कीर्ति चक्र सहित वीरता पदकों से नवाजा गया जबकि उनके कमांडिंग अधिकारियों को युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया. नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादियों के लांच पैड पर हमला करने वाली टीम का नेतृत्व करने वाले चार पैरा के मेजर रोहित सूरी को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया जो शांति काल के दौरान दूसरा सबसे बड़ा वीरता पदक है.

गोरखा राइफल्स के हवलदार प्रेम बहादुर रेशमी मागर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया गया है. 9 पैरा के कमांडिंग अधिकारी कर्नल कपिल यादव और चौथे पैरा के कमांडिंग अधिकारी कर्नल हरप्रीत संधू को युद्ध सेवा पदक प्रदान किया गया है. यह पदक युद्ध के दौरान विशिष्ट सेवा पदक के तुल्य है जो शांति काल के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है.

दोनों पैरा इकाइयों के पांच सैनिकों को शौर्य चक्र प्रदान किया गया जबकि 13 को सेना पदक मिला. जम्मू-कश्मीर के उरी में सेना के शिविर पर आतंकवादी हमले में 19 जवानों के शहीद होने के बाद सेना ने पिछले वर्ष सितंबर में नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादियों के लांच पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक की थीं.

दो कीर्ति चक्र

26 जनवरी के मौके पर इस बार 4 पैरा (एस एफ) बटालियन के मेजर रोहित सूरी के अलावा 3/1 गोरखा रायफल्स के हवलदार प्रेम बहादुर रेशमी मागर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिया गया.

10 शौर्य चक्र

1- लेफ्टिनेंट कर्नल अतुल गुप्ता, 30 राजस्थान रायफल्स
2- मेजर डी. विनय रेड्डी, 7 मद्रास बटालियन
3- मेजर रजत चंद्रा, 4 पैरा (एस एफ) बटालियन
4- मेजर दीपक कुमार उपाध्याय, 9 पैरा (एस एफ) बटालियन
5- कैप्टन आशुतोष कुमार, 4 पैरा (एस एफ) बटालियन
6- कैप्टन अशिक एम बी, 1/5 गोरखा रायफल्स
7- नायब सूबेदार विजय कुमार, 4 पैरा (एस एफ) बटालियन
8- हवलदार हनुमान रामशरण, राजस्थान रायफल्स
9- नायक गवड़े पंडुरंग महादेव (मरणोपरांत)
10- पीटीआर अब्दुल कयूम, 9 पैरा (एस एफ) बटालियन

इसके अलावा 20 परम विशिष्ट सेवा मेडल, 5 उत्तम युद्ध सेवा मेडल, 2 बार टू अति विशिष्ट सेवा मेडल, 30 अति विशिष्ट सेवा मेडल, 14 युद्ध सेवा मेडल, 3 बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री), 91 सेना मेडल (गैलेंट्री), 4 बार टू सेना मेडल (विशिष्ट), 36 सेना मेडल (विशिष्ट), 4 बार टू विशिष्ट सेवा मेडल और 72 विशिष्ट सेवा मेडल दिए गए.

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