26 जनवरी 2017 : पुरे देशवासियों को 68वें गणतंत्र दिवस कि हार्दिक शुभकामनाएँ

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भारत में गणतंत्र दिवस पुरे देश में धुमधाम से मनाया जाता हैं । गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) 1935 को हटा भारत का संविधान लागू किया गया था ।

गणतंत्र दिवस का इतिहास

भारत ब्रिटिश शासन से 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था और इसके बाद भारत के पास अपना कोइ भी अपना नियम और अधिवेशन नहीं था । लेकिन भारत के स्वतंत्र रुप से आज़ाद हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य आरम्भ कर दिया। इस संविधान को लागु करने के लिए प्रारूप समिति (ड्राफ्टींग कमेटी) बनाइ गइ जिसमें डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे। इस समिति का कार्य संपूर्ण ‘संविधान लिखना’ या ‘निर्माण करना’ था।

इस समिति अध्यक्ष विधिवेत्ता डॉ० बाबासाहेब आंबेडकर थे। इस समिति ने और खास कर डॉ० बाबासाहेब आंबेडकर ने 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया। अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किये, इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को यह देश भर में लागू हो गया।

इस महत्वकांक्षाओं को बनाए रखने के लिए उस दिन से गणतंत्र दिवस के रुप में पुरे देश में मनाया जाने लगा।

गणतंत्र दिवस समारोह और मनाने का तरीका

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय राष्ट्र ध्वज को फहराया जाता हैं और इसके बाद सामूहिक रूप में खड़े होकर राष्ट्रगान गाया जाता है। गणतंत्र दिवस को पूरे देश में विशेष रूप से भारत की राजधानी दिल्ली में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर के महत्व को चिह्नित करने के लिए हर साल एक भव्य परेड इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन (राष्ट्रपति के निवास) तक राजपथ पर राजधानी, नई दिल्ली में आयोजित किया जाता है।

इस भव्य परेड में देश के सेना के विभिन्न रेजिमेंट, वायुसेना, नौसेना आदि सभी भाग लेते हैं।

इस समारोह को देश के बच्चे, बुढे और जवान सभी मनाते हैं और एक दुसरे को मिठाई बाँटते हैं।

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