एक्वायर्ड इम्युनो डेफिशियेन्सी सिन्ड्रोम (एड्स) दिवस – 1 दिसंबर

0
663
man hands forming a heart with his hands and a red ribbon for the fight against AIDS on a white background

जैसा कि आप सभी जानते होंगे की एक्वायर्ड इम्युनो डेफिशियेन्सी सिन्ड्रोम (एड्स) क्या है शायद ही कोई अनभिज्ञ हो।, आइये आपको विस्तार में बताते हैं कि एड्स क्या है ?, इसके लक्षण और इससे बचने के उपाय।

एड्स एक बिमारी है, जिसमें मानव अपने प्राकृतिक प्रतिरक्षण क्षमता खो देता है। एड्स से पीड़ित मानव शरीर संक्रामक बीमारियों, जो कि जीवाणु और विषाणु आदि से होती हैं, के प्रति अपनी प्राकृतिक प्रतिरोधी शक्ति खो बैठता है क्योंकि एच.आई.वी (वह वायरस जिससे कि एड्स होता है) रक्त में उपस्थित प्रतिरोधी पदार्थ लसीका-कोशो पर आक्रमण करता है।

विश्व एड्स दिवस 1 दिसंबर को मनाया जाता है। सबसे पहले यह 1 दिसंबर 1988 को मनाया गया था।

HIV Aids ka international Symbol लाल रिबन है जो 1991 में अपनाया गया था।

हमारे देश में आज भी जिन्हें एड्स है वे यह बात स्वीकारने से कतराते हैं। इसकी वजह है घर में, समाज में होने वाला भेदभाव। कहीं न कहीं आज भी एचआईवी पॉजीटिव व्यक्तियों के प्रति भेदभाव की भावना रखी जाती है।.

भारत में एड्स से प्रभावित लोगों की बढ़ती संख्या के संभावित कारण

आम जनता को एड्स के विषय में सही जानकारी न होना
एड्स तथा यौन रोगों के विषयों को कलंकित समझा जाना
शिक्षा में यौन शिक्षण व जागरूकता बढ़ाने वाले पाठ्यक्रम का अभाव
कई धार्मिक संगठनों का गर्भ निरोधक् के प्रयोग को अनुचित ठहराना आदि।

एड्स के लक्षण

  • बुखार
  • सिरदर्द
  • थकान
  • हैजा
  • मतली व भोजन से अरुचि
  • लसीकाओं में सूजन
  • एड्स होने के कारण

  • संक्रमित रक्त
  • संक्रमित सुई एवं सीरिंज
  • असुरक्षित यौन संबंध
  • संक्रमित माँ से शिशु को
  • महत्वपूर्ण तथ्य

  • भारत में 50 लाख से अधिक एड्स पीड़ित हैं
  • शहर में 20 हजार से ज्यादा लोगों को एड्स है
  • अधिकांश रोगी निम्नवर्ग के होते हैं
  • घर से दूर रहने वाले लोगों में एड्स का खतरा बढ़ जाता है
  • नशे के लिए सुइयों की साझेदारी कर भी दावत दी जाती है एड्स को

 

loading...

LEAVE A REPLY